Saturday, January 21, 2017

सेफ स्कूल वाहन नीति को लेकर हाई कोर्ट हुआ सख्त

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब व हरियाणा से पूछा है कि सेफ स्कूल वाहन नीति की पालना न करने वाले स्कूलों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही हैं, इसकी पूरी रिपोर्ट मामले की अगली सुनवाई 3 मार्च तक कोर्ट में पेश की जाए। हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत व जस्टिस अजय तिवारी पर
आधारित विशेष खंडपीठ ने यह आदेश स्वयं संज्ञान पर ली गई एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। यह पोस्ट आप नरेशजाँगङा डॉट ब्लागस्पाट डॉट कॉम के सौजन्य से पढ़ रहे हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी जानकारी मांगी है कि कितनी स्कूल बसों में महिला सहायक तैनात की गई हैं। इस बाबत नीति को कितनी सख्ती से लागू किया गया हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि जिन स्कूली बसों में लड़की होती हैं उन्हें महिला सहायक अनिवार्य की गई हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि अन्य बसों में सहायक होते हैं या नही। हरियाणा सरकार की ओर से भी समय मांगे जाने पर हाई कोर्ट ने इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन से भी जवाब मांगा कि स्कूली बसों में सहायक होते हैं या नहीं और क्या महिला सहायक की नियुक्ति की गई है। बैंच ने राज्य बाल कल्याण आयेाग को निर्देश दिया कि वो राज्य की सभी स्कूल बसों की जांच करते रहे और यह जांच करे कि क्या स्कूली बसें सुरक्षित वाहन नीति की पालना कर रही हैं। कमीशन सभी बसों की जांच कर हाई कोर्ट में स्कूल वाइज रिपोर्ट पेश करे। कमीशन को यह अधिकार होगा कि वो परिवहन विभाग को उन स्कूलों जानकारी देगा जो सुरक्षित वाहन नीति की पालना नहीं कर रहे। परिवहन विभाग उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और यूटी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी की पालना सुनिश्चित करें और सभी स्कूलों व स्कूली वाहनों की जांच की जाए।
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साभार: जागरण समाचार 
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